स्कूल का क्रश टीनएज आते-आते और कड़क होने लगा था। हम 11वीं क्लास में थे।
हमारे स्कूल का रास्ता एक था लेकिन दोनों का डायरेक्शन डिफरंट था। हम
अक्सर आईटी चौराहे के आसपास उस सड़क पर एक-दूसरे को क्रॉस करते हुए स्कूल
जाते थे। लेकिन ना तुमने पहल की और ना मैं हिम्मत जुटा पाया। जब हम कॉलेज
पहुंचे तो मोबाइल फोन ने हमें थोड़ा कनेक्ट करवा दिया। कॉल पर फॉर्मल सी
हाय-हैलो के अलावा कुछ नया नहीं हो पाता था। मेरे फ्रेंड्स ने मेरी चाभी
भरी और बोले, ‘ओए! मोबाइल में बैलेंस ही डलवाता रहेगा या कभी उसे दिल की
बात भी कहेगा?’ मोबाइल पर नाइट पैक का रिचार्ज वाउचर डलवाया और सैटर्डे
नाइट को तुम्हें प्रपोज करने की हिम्मत जुटा ही ली। घंटों लंबी बात के बाद
ना तुमने मेरे प्रपोजल पर ‘हां’ कहा और ‘ना’ तो बिल्कुल ही नहीं कहा।
आखिरकार, इस 50-50 रिलेशनशिप को वहीं छोड़ अपना फोकस स्टडीज पर कर दिया।
हमारी मोबाइल पर बातें बंद रही थीं। फिर तुम फेसबुक पर मिल गई। 3-4 महीने
एफबी पर चैटिंग होने के बाद एक दिन तुमने मेसेंजर पर रिप्लाय किया, ‘आई एम
गेटिंग मैरिड...।’ तुम्हारी शादी क्या फिक्स हुई तुमने अपना एफबी अकाउंड भी
डिलीट कर दिया। अब मेरे पास मोबाइल के इनबॉक्स में भेजे तुम्हारे चंद
आखिरी एसएमएस के अलावा कुछ भी नहीं है। अब तुम्हारी लिटिल सिस्टर मेरी एफबी
फ्रेंड बन गई है। उससे चैटिंग होने लगी है। तुम्हारा बर्थडे था और मैंने
उससे जुड़ा कोई एफबी स्टेटस अपडेट किया। इससे तुम्हारी सिस्टर को क्लू मिल
गया। और उसने चैटिंग पर मुझसे तुम्हारे लिए फीलिंग्स का कन्फेशन करवा ही
लिया। खैर, तुम ना सही लेकिन तुम्हारी सिस्टर से तो चैट हो जाती है, भले ही
मुझेको ‘भइया’ कहती है।
Journalist by nature. Occasional FBवाला writer, rarely photographer, 6 day designer & one day Bachelor.
Saturday, January 11, 2014
Monday, December 16, 2013
शांति के साथ मेरी लिव-इन रिलेशनशिप के मायने
फैजाबाद रोड पर गोयल फ्लैट्स में C-1 में मेरे कमरे के सामने का कमरा। उसमें कुछ दिनों के लिए आई है, शांति। मेरे बिस्तर से चंद कदम दूर होती लेकिन मिलती नहीं, शांति। कमरे के अंदर अकेली खामोशी से औंधी पड़ी रहती है, शांति। उस दरवाजे की सिटकनी, चौखट के छेद में घुसी रहती है। लगभग 6 दिसंबर तक तो फ्लैट में हम 3 बैचलर IIMCian ही हैं, शांति। तुम हममें से किसी की हमेशा के लिए हो जाओ, शांति। कमसकम हमारी बीसी से ही अफेयर कर लो। जब उस रूम में चौथे IIMCian आ जाएंगे। हालांकि वो बैचलर्स मानसिकता के कट्टर अनुयायी हैं फिर तुम्हें हमारा किराए का ये फ्लैट छोड़कर जाना ही होगा, शांति। हम 3.5 बैचलर IIMCian के साथ लिव-इन में रहना शुरू क्यों नहीं कर देती? हालांकि हम तुम्हारा ठीक से ख्याल नहीं रख पाएंगे फिर भी कभी-कभी रूम शेयर किया करना। ‘शुद्ध देसी रोमांस’ नहीं देखी क्या तुमने? तुम चंचल हो और मेरे बिस्तर के सिवा कहीं और नहीं मिलती हो। जब 3 IIMCian फ्लैट में नहीं होते तब मैं फ्लैट में शांति, शांति करता रहता हूं। लेकिन शांति, तुम्हारा कोई जवाब नहीं मिलता। फिर भी I love you शांति। अरे! तुमसे अच्छा तो तुम्हारा ख्याल है, तब ‘ऊँ शांति’ कहे बिना ही तुम मिल जाती हो, हर कहीं शांति।
Saturday, December 14, 2013
अब तुम वॉट्सएप पर कहीं मिल जाओ
निशातगंज रेलवे फाटक और जाड़े की सुबह। गुलाबी ठंड के बीच तुम्हे पहली बार देखा था। तब, जब साइकिल से स्कूल जाना टशन की बात होती थी। रेलवे फाटक बंद हो रहा था मैं इस ओर था और तुम सब्जी मंडी की ओर। मेरी नजर तुम पर पड़ी। तुम गेट के बिल्कुल पास थी। स्कूल यूनिफॉर्म पहनी हुई थी। तुम्हारी स्याह आंखों की चमक रेलवे फाटक के इस ओर भी दिख रही थी। इस दीदार की बेला के बीच वहां से गुजर रही ट्रेन ने सीटी बजाई। मेरे दिल में भी कहीं प्यार की सीटी बज गई। दीदार की इस बेला के बीच अब ट्रेन की बोगियों की बेला गुजरना शुरू हुई। अब दीदार के बीच बोगियों की दीवार आने लगी थी। मैं बोगी के बीच से मिलने वाली तुम्हारी क्षणिक झलक भी आंखों में समा रहा था। बोगियों की लड़ी वहां से गुजर गई। लेकिन मेरा फोकस तो तुम्हारे चेहरे पर ही था। फिर हमारी नजरों का गठबंधन हुआ। रेलवे फाटक के खुलने का सायरन बजा। और तुमने साइकिल के पैडल पर अपने पैर धरकर रेलवे ट्रैक पार किया। ट्रैफिक चल पड़ा लेकिन मेरे पैर तो मानो न्यूट्रल हो गए थे। बस मेरी आंखें दीदार में ही मस्त थीं। मेरे पीछे खड़े एक बाइक वाले खूसट अंकल हॉर्न भनभनाया और बोले- ‘अभी भी नींद हिए में हो का बाबू?’ ये देख तुम मुझपर हंसी और तिरछी नजर से देखते हुए आगे निकल गई। महीनों बाद तुम फिर वहीं और उसी वक्त दिखी। मैंने साइकिल को उसकी फ्रेम से उठाकर तुम्हारी वाली रोड लेन पर रख दिया। तुम हैरानी से मुझे देखती हो और अपनी मुस्कान दबाने की नाकाम कोशिश करती हो। मैं तो साइकिल के पैडल पर पैर रखकर तैयार था कि तुम आओगी और मैं तुम्हारे पीछे चल दूंगा। तुम फैजाबाद रोड की ओर मुड़ी और मैंने साइकिल बराबर में लाकर कहा, ‘साइकिल को रॉकेट बना दोंगी क्या? नाम तो बता दीजिए ना...’ तुम बोली- ‘पढ़ना नहीं आता साइकिल के पीछे लिखे तो हैं।’ पैडल धीमा किया साइकिल पर नाम लिखा था- ‘फरज़ाना’। एग्जाम के बाद हम दोनों के समर वेकेशंस लैंड लाइन फोन पर बतियाते ही बीते। फिर इस कंबख्त इस मोबाइल फोन ने हमारे लैंड लाइन फोन कांट दिया जिससे हमारी बातों और दिल का कनेक्शन भी कट गया। काश! अब तुम वॉट्सएप पर कहीं मिल जाओ!
Friday, December 14, 2012
जीरो फिगर एप्पल आईपैड-मिनी
अमित पाठे . भोपाल
इंडियन मार्केट में बीते हफ्ते पहले लॉन्च एप्पल आईपैड-मिनी का सिटी के गैजेट लवर्स को बेताबी से इंतजार है। यह इंतजार इस वीकेंड तक खत्म हो जाएगा। एप्पल आईपैड-मिनी आपके क्रिसमस और न्यू ईयर सेलिब्रेशन को खास बना देगा। इसके डिफरंट मॉडल्स की स्टार्टिंग प्राइज रेंज २१९९० रुपए से ५१९०० रुपए के बीच है।
पेंसिल जितना पतला
आईपैड, टैबलेट के मुकाबले यह आईपैड-मिनी ७.९ इंच यानि २३ फीसदी पतला और ५३ फीसदी हल्का है। इसकी मोटाई ७.२ एमएम और वजन ३०८ ग्राम है। इकसा ‘आई-साइट’ कैमरा १०८०पी एचडी वीडियो रिकॉर्डिंग और ५ मेगा पिक्सल एचडी फोटो भी देता है।
आईपैड-मिनी का स्पेशल फीचर है इसकी पॉवरफुल ए-5 चिप, जो अल्ट्रा फास्ट (ड्युअल-बैंड, २.४-५ गीगाहट्र्स) वाय-फाय कनेक्टिविटी देता है। यह हाई स्पीड पैकेज एक्सेस (एचएसपीए), एचएसपीए-प्लस और डीसी-एचएसडीपीए मोबाइल नेटवर्क सपोर्ट करता है। कंपनी के मुताबिक यह १० घंटे का बैटरी बैकअप देगा। इसके बेसिक मॉडल की स्टोरेज कैपेसिटी १६जीबी है जबकि एडवांस वर्जन में ६४जीबी तक का स्पेस होगा। इस आईपैड-मिनी में आप एप्पल स्टोर से २ लाख ७५ हजार से अधिक एप्स डाउनलोड कर सकते हैं।
रिलायंस डिजिटल स्टोर (डीबी सिटी) के डिपार्टमेंटल मैनेजर अब्दुल हादी ने बताया कि स्टोर में किसी भी लैपटॉप की खरीद पर विंडोज का ‘ऑफिस, होम एंड स्टूडेंट-२०१०’ पैकेज स्पेशल डिस्काउंट पर मिलेगा। लगभग ५००० रुपए के इस सॉफ्टवेयर पैकेज पर २००० रुपए का डिस्काउंट भी दिया जा रहा है। एचपी के १४ इंच अल्ट्रा बुक पर कस्टमर्स को २,२८७ रुपए का डिस्काउंट उपलब्ध है।
हॉट ऑफर्स : फ्री ट्राय-पॉड
अगर आप क्रिसमस और न्यू ईयर से पहले कैमरा खरीदने का सोच रहे हैं तो यह ठीक समय है। सिटी में रिलायंस के डिपार्टमेंट मैनेजर गौरव नागर ने बताया कि स्टोर में कैमरे की खरीद पर ट्राय-पॉड के लिए पैसे नहीं खर्च करने होंगे। कैनन, निकॉन और सोनी
के सिलेक्टेड डीएसएलआर और सेमी-डीएसएलआर मॉडल्स की
खरीद पर लगभग ४००० रुपए का रिलायंस ‘रीकनेक्ट’ ट्राय-पॉड फ्री मिल रहा है।
वहीं, लगभग ५६६९० रुपए का लेनोवो लैपटॉप स्टोर में डिस्काउंट ऑफर्स के तहत
लगभग ४९९४५ रुपए में मिल रहा है।
इंडियन मार्केट में बीते हफ्ते पहले लॉन्च एप्पल आईपैड-मिनी का सिटी के गैजेट लवर्स को बेताबी से इंतजार है। यह इंतजार इस वीकेंड तक खत्म हो जाएगा। एप्पल आईपैड-मिनी आपके क्रिसमस और न्यू ईयर सेलिब्रेशन को खास बना देगा। इसके डिफरंट मॉडल्स की स्टार्टिंग प्राइज रेंज २१९९० रुपए से ५१९०० रुपए के बीच है।
पेंसिल जितना पतला
आईपैड, टैबलेट के मुकाबले यह आईपैड-मिनी ७.९ इंच यानि २३ फीसदी पतला और ५३ फीसदी हल्का है। इसकी मोटाई ७.२ एमएम और वजन ३०८ ग्राम है। इकसा ‘आई-साइट’ कैमरा १०८०पी एचडी वीडियो रिकॉर्डिंग और ५ मेगा पिक्सल एचडी फोटो भी देता है।
आईपैड-मिनी का स्पेशल फीचर है इसकी पॉवरफुल ए-5 चिप, जो अल्ट्रा फास्ट (ड्युअल-बैंड, २.४-५ गीगाहट्र्स) वाय-फाय कनेक्टिविटी देता है। यह हाई स्पीड पैकेज एक्सेस (एचएसपीए), एचएसपीए-प्लस और डीसी-एचएसडीपीए मोबाइल नेटवर्क सपोर्ट करता है। कंपनी के मुताबिक यह १० घंटे का बैटरी बैकअप देगा। इसके बेसिक मॉडल की स्टोरेज कैपेसिटी १६जीबी है जबकि एडवांस वर्जन में ६४जीबी तक का स्पेस होगा। इस आईपैड-मिनी में आप एप्पल स्टोर से २ लाख ७५ हजार से अधिक एप्स डाउनलोड कर सकते हैं।

रिलायंस डिजिटल स्टोर (डीबी सिटी) के डिपार्टमेंटल मैनेजर अब्दुल हादी ने बताया कि स्टोर में किसी भी लैपटॉप की खरीद पर विंडोज का ‘ऑफिस, होम एंड स्टूडेंट-२०१०’ पैकेज स्पेशल डिस्काउंट पर मिलेगा। लगभग ५००० रुपए के इस सॉफ्टवेयर पैकेज पर २००० रुपए का डिस्काउंट भी दिया जा रहा है। एचपी के १४ इंच अल्ट्रा बुक पर कस्टमर्स को २,२८७ रुपए का डिस्काउंट उपलब्ध है।
हॉट ऑफर्स : फ्री ट्राय-पॉड
अगर आप क्रिसमस और न्यू ईयर से पहले कैमरा खरीदने का सोच रहे हैं तो यह ठीक समय है। सिटी में रिलायंस के डिपार्टमेंट मैनेजर गौरव नागर ने बताया कि स्टोर में कैमरे की खरीद पर ट्राय-पॉड के लिए पैसे नहीं खर्च करने होंगे। कैनन, निकॉन और सोनी
के सिलेक्टेड डीएसएलआर और सेमी-डीएसएलआर मॉडल्स की
खरीद पर लगभग ४००० रुपए का रिलायंस ‘रीकनेक्ट’ ट्राय-पॉड फ्री मिल रहा है।
वहीं, लगभग ५६६९० रुपए का लेनोवो लैपटॉप स्टोर में डिस्काउंट ऑफर्स के तहत
लगभग ४९९४५ रुपए में मिल रहा है। मायूस हुए सितार के तार : सितार वादक पं. रविशंकर
विश्व विख्यात सितार वादक पं. रविशंकर का निधन पूरे कला
जगत के लिए गहरा आघात है। पं. रविशंकर मैहर के महान संगीतज्ञ उस्ताद
अलाउद्दीन खां के शिष्य थे। मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग ने उन्हें
वर्ष 1987-88 में शास्त्रीय संगीत के क्षेत्र में प्रतिष्ठित राष्ट्रीय
कालिदास सम्मान से विभूषित किया था। उनके चयन की ज्यूरी में पं. कुमार
गंधर्व, पीएल देशपांडे, उस्ताद जिया मोहिउद्दीन डागर, डॉ. नारायण मेनन और
बीवीके शास्त्री शामिल थे। इस अवसर पर उनके सितार वादन की सभा भी भारत भवन
में आयोजित हुई थी।
संगीत के प्रखर नक्षत्र थे :राज्यपाल राम नरेश यादव ने कहा है कि वे भारतीय संगीत के एक प्रखर नक्षत्र थे। उन्होंने भोपाल के कला-केन्द्र भारत भवन के ट्रस्टी के रूप में स्व. पंडित रविशंकर के योगदान की सराहना करते हुए मध्य प्रदेश से उनके लगाव को भी याद किया।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पंडित रविशंकर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और कहा कि उन्होंने हमारी शास्त्रीय संगीत की विरासत को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके सितार-वादन में दिव्यता की अनुभूति होती है।
हमें गर्व है उन पर...
संस्कृति एवं जनसंपर्क मंत्री लक्ष्मीकान्त शर्मा ने कहा, पं. रविशंकर बीसवीं शताब्दी के महान कलाकार थे और नई सदी में भी पूरा एक दशक उनके कला वैभव का साक्षी रहा है। मप्र को इस बात का गौरव है कि उसे पं. रविशंकर को सम्मानित करने का सौभाग्य मिला।
वो पल अनमोल थे... :
वरिष्ठ रंगकर्मी आलोक चटर्जी ने कहा कि विश्व व भारतीय संगीत के लिए यह अपूर्णीय क्षति है। उन्होंने सितार को वैश्विक पहचान दी है। उन्होंने विदेशी कलाकारों के साथ भी संगीत के क्षेत्र में काम किया और विदेशियों को भी सितार वादन सिखाया। जब मैं छठवीं क्लास में मैहर गया था। वहां पंडित जी अलाउद्दीन खां साहब से मिलने पहुंचे हुए थे। उन्होंने वहां स्टेशन पर ही सितार बजाना शुरू कर दिया था। मुझे भारत भवन में उनकी 19८4 से 1987 के बीच की 3 प्रस्तुतियां याद हंै। एक बार उन्होंने 2 घंटे तक लगातार प्रस्तुति दी थी।
सीख दे गए युवाओं को : साहित्यकार बद्र वास्ती ने कहा कि स्व. पंडित जी का जाना न सिर्फ संगीत बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत के लिए भी एक भारी नुकसान है। उन्होंने जिस रास्ते पर चलकर दुनिया भर में देश का नाम रोशन किया था, उसी रास्ते पर युवाओं को भी चलना होगा।
गायक रफी शब्बीर ने कहा कि अब सिर्फ उनकी यादें ही शेष रह गई हैं। पंडित रविशंकर जैसा महान व्यक्ति दुनिया में सिर्फ एक ही होता है।
वरिष्ठ शास्त्रीय नृत्यांगना लता मुंशी ने कहा कि पंडित जी के जाने से संगीत क्षेत्र में आई कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकेगा। कई कलाकार आएंगे लेकिन उनके जैसा इंसान और उनका स्थान पाने वाला शायद ही कोई हो पाए।
संगीत के प्रखर नक्षत्र थे :राज्यपाल राम नरेश यादव ने कहा है कि वे भारतीय संगीत के एक प्रखर नक्षत्र थे। उन्होंने भोपाल के कला-केन्द्र भारत भवन के ट्रस्टी के रूप में स्व. पंडित रविशंकर के योगदान की सराहना करते हुए मध्य प्रदेश से उनके लगाव को भी याद किया।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पंडित रविशंकर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया और कहा कि उन्होंने हमारी शास्त्रीय संगीत की विरासत को समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके सितार-वादन में दिव्यता की अनुभूति होती है।
हमें गर्व है उन पर...
संस्कृति एवं जनसंपर्क मंत्री लक्ष्मीकान्त शर्मा ने कहा, पं. रविशंकर बीसवीं शताब्दी के महान कलाकार थे और नई सदी में भी पूरा एक दशक उनके कला वैभव का साक्षी रहा है। मप्र को इस बात का गौरव है कि उसे पं. रविशंकर को सम्मानित करने का सौभाग्य मिला।
वो पल अनमोल थे... :
वरिष्ठ रंगकर्मी आलोक चटर्जी ने कहा कि विश्व व भारतीय संगीत के लिए यह अपूर्णीय क्षति है। उन्होंने सितार को वैश्विक पहचान दी है। उन्होंने विदेशी कलाकारों के साथ भी संगीत के क्षेत्र में काम किया और विदेशियों को भी सितार वादन सिखाया। जब मैं छठवीं क्लास में मैहर गया था। वहां पंडित जी अलाउद्दीन खां साहब से मिलने पहुंचे हुए थे। उन्होंने वहां स्टेशन पर ही सितार बजाना शुरू कर दिया था। मुझे भारत भवन में उनकी 19८4 से 1987 के बीच की 3 प्रस्तुतियां याद हंै। एक बार उन्होंने 2 घंटे तक लगातार प्रस्तुति दी थी।
![]() |
| भारत भवन में आयोजित राष्ट्रीय कालिदास अलंकरण समारोह की तस्वीर। साथ में हैं मशहूर पेंटर मकबूल फिदा हुसैन |
सीख दे गए युवाओं को : साहित्यकार बद्र वास्ती ने कहा कि स्व. पंडित जी का जाना न सिर्फ संगीत बल्कि देश की सांस्कृतिक विरासत के लिए भी एक भारी नुकसान है। उन्होंने जिस रास्ते पर चलकर दुनिया भर में देश का नाम रोशन किया था, उसी रास्ते पर युवाओं को भी चलना होगा।
गायक रफी शब्बीर ने कहा कि अब सिर्फ उनकी यादें ही शेष रह गई हैं। पंडित रविशंकर जैसा महान व्यक्ति दुनिया में सिर्फ एक ही होता है।
वरिष्ठ शास्त्रीय नृत्यांगना लता मुंशी ने कहा कि पंडित जी के जाने से संगीत क्षेत्र में आई कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकेगा। कई कलाकार आएंगे लेकिन उनके जैसा इंसान और उनका स्थान पाने वाला शायद ही कोई हो पाए।
स्पोट्र्स पर्सन्स नेवर क्विट : ओलिंपियन डिस्कस थ्रोअर कृष्णा पूनिया, वीरेंदर पूनिया, ओलिंपिक बॉक्सर अखिल कुमार, बॉक्सर जय भगवान
अमित पाठे
‘स्पोट्र्स पर्सन्स कभी अपनी हार पर निराश नहीं होते, वे फिर से चैलेंज के लिए पूरे जोश के साथ गलतियों को दूर करते हुए तैयारी करते हैं। यही फलसफा है मेरी भी लाइफ का। मैं ये भी मानती हूं कि हार्डवर्क का कोई विकल्प नहीं होता है। खिलाड़ी निराश से हमेशा दूर रहते हैं। जो बच्चे पढ़ाई के साथ स्पोट्र्स में भी इन्वॉल्व रहते हैं वे ज्यादा अच्छे स्टूडेंट साबित होते हैं।’ यह कहना है ओलिंपियन डिस्कस थ्रोअर कृष्णा पूनिया का। दैनिक भास्कर स्पोट्र्स ओलंपियाड में हिस्सा लेने अपने पति वीरेंदर पूनिया के साथ भोपाल आईं कृष्णा पूनिया ने अपनी प्रोफेशनल और पर्सनल लाइफ के बारे में बातें सिटी भास्कर से शेयर कीं...
भास्कर की यह पहल बहुत उपयोगी और सार्थक है। देश भर में इसी तरह की स्पोर्टिंग एक्टिविटीज होनी चाहिए। इन्हीं ग्राउंड लेवल एक्टिविटीज से भविष्य के ओलिंपियन तैयार होंगे। यह माना कृष्णा पूनिया के पति और कोच विरेंदर पूनिया ने। उन्होंने कहा कि अगर एक स्टूडेंट रोज मैक्सिमम 2 घंटे ग्राउंड में स्पोट्र्स एक्टिविटी से जुड़ा रहे तो वो अपनी स्टडी में भी बेहतर परफॉर्म कर पाएगा।
खेलते-खेलते बोर होती हूं तो पढ़ लेती हूं : कृष्णा
जब मैं गेम्स से बोर हो जाती हूं तो कुछ पढ़ लेती हूं। वैसे मैं दुनिया में कहीं भी रहूं, ऑनलाइन मधुरिमा जरूर पढ़ती हूं। इसके अलावा मुझे अलग-अलग देश के कल्चर की जानकारी देने वाली किताबें अच्छी लगती हैं। आर्किटेक्चर और हिस्टॉरिकल साइट्स के कारण मुझे ओल्ड लंदन सबसे अच्छा शहर लगता है। लोग मुझे अमेरिका के सबसे अच्छे लगते हैं क्योंकि वे स्ट्रेट फारवर्ड होते हैं। कल्चर मुझे इंडिया का सबसे अच्छा लगता है।
पार्टिसिपेशन कम है : डिस्कस में प्लेयर्स का पार्टिसिपेशन काफी कम है इस वजह से पिछले कुछ सालों में डिस्कस में कोई बड़ा दूसरा बड़ा प्लेयर नहीं उभर पाया है, यह बढऩा चाहिए।
भोपाल में काफी स्कोप : स्पोट्र्स के लिहाज से भोपाल में काफी स्कोप दिखाई देता है। यहां स्पोट्र्स के लिए साई का रीजनल सेंटर, नेशनल स्पोट्र्स कैंप के आयोजन और गवर्नमेंट की पॉलिसीज फेवरेबल है।
एक्सक्यूज नहीं दे सकते खिलाड़ी
‘जब खिलाड़ी मैदान में कामयाब नहीं हो पाता तो वह जाहिर से एक्सक्यूज देता है। लेकिन हार तो हार होती है और जीत का कोई अल्टरनेट नहीं होता। इस सिचुएशन में एक्सक्यूज्स का कोई स्थान नहीं होता है।’ यह कहना है ओलिंपिक बॉक्सर अखिल कुमार का। अखिल से जब स्कूली खिलाड़ी ऑटोग्राफ ले रहे थे तो वे मुस्कुराहट के साथ कहते हैं, ‘यार छोटे! ऑटोग्राफ का जमाना अब गया। ट्विटर पर फॉलो करने का दौर आ गया है।’
जीत के पहले मिले ‘प्राइज’
‘खिलाडिय़ों को मुकाबलों में जीतने के बाद प्राइज की घोषणाएं की जाती हंै। दरअसल, खिलाडिय़ों को जीतने से पहले ही इस तरह के प्राइज से मोटिवेशन की जरूरत होती है। ऐसा होगा तब ही खिलाड़ी टेंशन और स्ट्रेस फ्री होकर अपनी परफॉर्मेंस पर फोकस कर पाएगा।’ यह कहना है लंदन ओलिंपिक में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचे बॉक्सर जय भगवान का। वे कहते हैं कि मोटिवेशन न होने के साइड इफेक्ट से खिलाड़ी को यही चिंता रहती है कि अगर वो जीते तो राजा बना दिए जाएंगे, नहीं तो रंक। बाइक छोड़ यूथ को साइकल पर चलना चाहिए, तभी देश में अच्छे प्लेयर निकल कर आएंगे। उन्होंने कहा कि मीडिया की चमक-दमक प्लेयर के लिए काफी यूजफुल होती है और डबल एफर्ट से प्रैक्टिस करता है।
बिला बोंग स्कूल और इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल (आईपीएस) के खिलाडिय़ों ने दैनिक भास्कर स्पोट्र्स ओलिंपियाड के फुटबॉल मुकाबले में विजयी शुरुआत की है। एशिया पेसिफिक ग्रुप द्वारा प्रायोजित और आकाश इंस्टीट्यूट के सह प्रायोजन और खेल एवं युवा कल्याण विभाग व भारतीय खेल प्राधिकरण के सहयोग से आयोजित टूर्नामेंट के बास्केटबॉल के मुकाबलों में मॉडल स्कूल, मोंट फोर्ट, केवी १, ज्ञानगंगा, बालभवन, डायनामिक और संस्कार वैली ने भी अपने-अपने मुकाबले जीतकर अगले दौर में प्रवेश किया। राजधानी के तात्याटोपे स्टेडियम पर फुटबॉल के मैचों बिला बोंग स्कूल ने सेंट जेवियर को २-० से पराजित किया। विजेता टीम की ओर से अमिया ने छठवीं और निहाल ने ५५वें मिनट में गोल दागे। दूसरे मैच में आईपीएस ने ज्ञानगंगा को ४-० से मात दी। ज्ञानगंगा की ओर से ओजस (पहले), शिवा सिंह (२३वें), दिव्यांशु (३८वें) और अभिषेक (४४वें) मिनट में गोल किए। अन्य मैचों में गोल्डन बडर््स ने संस्कार वैली को २-० से और नालंदा पब्लिक स्कूल ने केंब्रिज स्कूल को ८-० से पराजित किया।
बास्केटबॉल के परिणाम : बालक वर्ग- मॉडल स्कूल विवि आरडीपीएस १८-४, संस्कार वैली विवि आनंद विहार ४३-२५, ज्ञानगंगा विवि सेंट जेवियर ४८-१८, केवी-१ विवि ओरियन स्कूल ३६-१९, बालभवन विवि किड्जी ३६-८।
बालिका वर्ग : मॉडल स्कूल विवि कमला नेहरू स्कूल ३०-६, ज्ञानगंगा विवि सागर पब्लिक स्कूल २२-११, डायनामिक स्कूल विवि मेरी डॉल २-०, बाल भवन विवि किड्जी २२-०, मोंट फोर्ट विवि सेंट थेरेसा १३-२
जिद मैदान जीतने की : खेलों के महाकुंभ दैनिक भास्कर स्पोट्र्स ओलिंपियाड
खेलों के महाकुंभ ‘दैनिक भास्कर स्पोट्र्स ओलिंपियाड’ की भव्य इनॉग्रेशन सैरेमनी में मार्च-पास्ट और रंगारंग कल्चर....
मैदान में अपना दमखम दिखाने का जोश और पदक जीतकर मैदान जीतने की जिद। इस जज्बे के साथ दैनिक भास्कर स्पोट्र्स ओलिंपियाड की शुरुआत मंगलवार शाम टीटी नगर स्टेडियम में हुई। मध्यप्रदेश पुलिस बैंड की धुन पर स्कूल के खिलाडिय़ों ने मार्च पास्ट किया। उन्होंने अपने-अपने स्कूल का फ्लैग लहराते हुए अतिथियों को सलामी भी दी और शपथ भी ली। इस रंगारंग उद्घाटन समारोह में डिस्कस थ्रोअर कृष्णा पूनिया, स्टार मुक्केबाज जय भगवान और अखिल कुमार खिलाडिय़ों के उत्साहवर्धन के लिए बतौर अतिथि उपस्थित रहे। इन स्पोट्र्स स्टार्स ने स्टूडेंट्स से इंटरेक्शन कर उन्हें मोटिवेट भी किया। एशिया पेसिफिक ग्रुप के प्रायोजन, आकाश इंस्टीट्यूट के सह प्रायोजन और खेल एवं युवा कल्याण विभाग व भारतीय खेल प्राधिकरण के सहयोग से आयोजित इस ओलिंपियाड के भव्य आयोजन के खेलप्रेमी गवाह बने। इस अवसर पर साई के रीजनल डायरेक्टर आरके नायडू, एशिया पेसिफिक इंटरनेशनल स्कूल के प्रिंसिपल योगेश सिंह, आकाश इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर अनिल अग्रवाल, एशिया पेसिफिक ग्रुप के ब्रांड मैनेजर सौरभ जैन और खेल संचालक डॉ. शैलेंद्र श्रीवास्तव मौजूद रहे।
‘आरंभ है प्रचंड...’ : मध्य प्रदेश पुलिस बैंड की धुन पर स्कूल खिलाडिय़ों ने मार्च पास्ट कर शपथ ली। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की शुरुआत ‘होलिगन्स’ ग्रुप की परफॉर्मेंस के साथ हुई। इस दौरान जैसे ही ‘चाहे तुम कुछ न कहो...’ गाने की बारी आई वहां मौजूद स्टूडेंट्स ने जोरदार चीयर किया। जब यो यो हनी सिंह का ‘डोल सोल...’ गाना प्ले हुआ सभी ने जोरदार तालियां बजाई और ‘यो... यो...’ कहना शुरू कर दिया। शशी एंड कल्पना डांस ग्रुप ने ‘जय हो...’ सॉन्ग पर परफॉर्मेंस शुरू कर माहौल बना दिया। वहीं, जील ग्रुप ने ‘आरंभ है प्रचंड...’ पर प्रस्तुति दी।
परफॉर्मेंस से अवेयरनेस : द संस्कार वैली स्कूल के 50 से अधिक स्टूडेंट्स ने अपनी खास प्रस्तुति दी। इसमें स्टूडेंट्स ने ‘दिन चढ़ता है माई, डर लगता है माई...’ और ‘ओ री चिरैया नन्ही सी चिडिय़ा...’ गीत से कन्या भ्रूण हत्या रोकने का मैसेज दिया।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा कि इस आयोजन में से ऐसे खिलाड़ी निकलेंगे जो ओलिंपिक में देश का प्रतिनिधित्व कर प्रदेश का नाम रोशन करेंगे। इनमें से कोई लड़की सानिया मिर्जा बनेगी तो कोई लड़का सचिन तेंडुलकर बनेगा। बच्चों को इस प्लेटफॉर्म का फायदा उठाना चाहिए। आज के बच्चे कोचिंग, कंप्यूटर, इंटरनेट और टीवी पर ही अपना ज्यादा समय देते हैं इसलिए ऐसे आयोजन होते रहना चाहिए।
Wednesday, December 12, 2012
खुद को निखारें, निखर जाएगा सारा देश : डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम
यह कहा
मिसाइल मैन और
भूतपूर्व राष्ट्रपति डॉ.
एपीजे अब्दुल कलाम
ने। सर्च एंड
रिसर्च डेवलपमेंट सोसायटी के
सर्च एंड रिसर्च
यूथ कॉन्क्लेव-2012 का
इनॉग्रेशन करने वे
बुधवार को भोपाल
आए। यहां उन्होंने जो
कहा, उन्हीं के
शब्दों में...
दुनिया में जितने भी सफल व्यक्ति हुए हैं वे सिर्फ अपनी यूनीकनेस के कारण सक्सेसफुल हुए हैं। चाहे वे राइट ब्रदर्स हों, सीवी रमन, मदर टेरेसा या मैडम क्यूरी। उन सभी ने अपनी अंदरूनी ताकत और खूबी को पहचानकर अपनी यूनीकनेस जानी उसे निखारा। यूथ को भी यही करना होगा।’ आप किसी और को कॉपी करने के बजाए अपनी ताकत को पहचानकर उस पर फोकस करें। नॉलेज को अपना शस्त्र बनाएं और जब तक सक्सेस न मिल जाए लक्ष्य के लिए जुटे रहिए।
मैं बताता हूं कैसे बढ़ाएं अपनी स्ट्रेंथ
* आपके जीवन का लक्ष्य महान होना चाहिए।
* अच्छी किताबें, टीचर्स और अच्छे लोगों से ज्ञान लेकर लगातार अपना नॉलेज बढ़ाते रहें।
* प्रॉब्लम्स से डरें नहीं, हार्ड वर्क करते रहें।
गंभीरता, दृढ़ता और धीरज के साथ काम में जुटे रहें। हम स्वामी विवेकानंद की 150वां जयंती वर्ष मना रहे हैं। उनकी एक बात मुझे हमेशा इंस्पायर करती है जिसे मैं आपको रिकॉल करवाना चाहता हूं। स्वामी जी ने कहा है ‘नॉलेज सिर्फ कॉन्सेंट्रेशन से पाया जा सकता है। दुनिया आपको अपने सीक्रेट्स देने को तैयार है। आप अपने लक्ष्य पर जितना कॉन्सट्रेट करेंगे उतनी जल्दी सफल होंगे।
ऐसे बनेगा भारत विकसित देश : २०२० आने के लिए अभी ८ साल बाकी हैं। यदि हम हर साल ९ से १० फीसदी का ग्रोथ रेट बरकरार रखते हैं तो देश विकसित देशों की श्रेणी में शामिल हो सकता है। इसके साथ ही यह जरूरी है कि ग्रामीण और शहरी भारत के बीच की खाई को कम किया जाए। इसके लिए एग्रीकल्चर, फूड प्रोसेसिंग, एजुकेशन एंड हेल्थ, इंफॉर्मेशन एंड कम्यूनिकेशन टेक्नोलॉजी और इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर ज्यादा से ज्यादा काम होना चाहिए। ये सभी क्षेत्र आपस में जुड़े हैं जो डेवलपमेंट के साथ नेशनल सिक्योरिटी भी देंगे।
एक कविता सुनें : यह सूफी कवि जलालउद्दीन रूमी की कविता है ‘आई विल फ्लाय एंड फ्लाय, आई एम बॉर्न विथ गुडनेस एंड ट्रस्ट, आई हैव पोटेंशियल आई विल फ्लाय’ इसे सुना... आपका जन्म एक महान विचार और बड़े सपने के साथ हुआ है। शिक्षा उड़ान के लिए पंख देती है। उपलब्धियां तभी आती हैं जब आपके मन में यह बात हो कि मैं जीतूंगा।
आध्यात्म से बनेगा सुखी घर : एक स्प्रिचुअल हाउस ही हैप्पी होम होता है। अपनी मां को हमेशा खुश रखें, अपने पिता से कहें कि वे घर में पारदर्शिता लाएं।
जब आप खुश रहेंगे... आपकी मां खुश रहेगी... आपकी फैमिली खुश रहेगी... सोसायटी खुश रहेगी।
कॉन्टैक्ट मी : किसी भी विषय पर कोई भी क्वेश्चन या ‘आउट ऑफ द बॉक्स’ आइडिया लिखकर मुझे भेज दीजिए। मेरा मेल आईडी apj@abdulkalam.comÐ जिसका आइडिया आउट ऑफ बॉक्स होगा उसे मेरी बुक्स का सेट गिफ्ट में मिलेगा।
इसी दिन डॉ. कलाम ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विवि के स्टूडेंट्स को रवींद्र भवन में संबोधित किया और प्रशासन अकादमी में अखिल भारतीय एवं केंद्रीय सेवा के अधिकारियों के 87वें आधारभूत प्रशिक्षण के समापन में भी शिरकत की।
क्वेश्चन-आंसर
प्रश्न : सर, करप्शन कैसे दूर होगा?
* डॉ. कलाम : अन्ना अपनी जगह हैं। आप अपने घर से ट्रांसपेरेंसी की शुरुआत कीजिए। करप्शन देश से खत्म होने लगेगा। यही इसका मंत्र है।
प्रश्न : जॉब्स की कमी कैसी एजुकेशन से दूर हो सकती है।
* डॉ. कलाम : हमें जॉब देने वाला नहीं जॉब पैदा करने वाला एजुकेशन सिस्टम चाहिए।
और यह भी कहा
* दूसरों की सफलता से भी खुश हों।
* मन में तिरंगा लहराएं, देश का सम्मान करें।
* नेविगेट टाइम एंड वैल्यू इट।
* जनसेवा और पौधारोपण जरूर करें।
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