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Saturday, February 22, 2014

राहुल गांधी का मैंगो बजट




10 जनपथ में कांग्रेस के एंग्री यंग मैन राहुल (जानें राहुल गांधी के बारे में और जानें)  शाम को चाय पी रहे थे। चाय से उन्हें मोदी की याद आई। लगा कि यूपीए-3 की चाय ना फट जाए। राहुल ने गुस्से में आवाज लगाई और कहा, ‘मम्मा पीसी अंकल (पी चिदंबरम) को अब्बी बुलाओ। कल वाला बजट आपका युवा बेटा बनवाएगा। और अंकल का कल का भाषण भी हम ही एडिट करेंगे।’ ये सुनकर सोनिया बोलीं, ‘अल्ले ले ले मेला बिट्टू। वो ज्योतिषी सही था जिसने तुम्हारे जन्म पर कहा था कि आपका बेटा कुछ अलग होगा। यह 42 की उम्र में युवा बनेगा। लोग इसे कांग्रेस का एंग्री यंग मैन पुकारेंगे लेकिन हंसते हुए। सेक्रेटरी चिदंबरम को फोन करके बुलाओ।’ सेक्रेटरी ने पीसी को फोन लगाया और हंसते हुए बोला, ‘चिदंबरम सर राहुल बाबा गुच्छे में हैं। मम्मा के सामने ज़िद कर रहे हैं कि बजट वो बनवाएंगे और आपका भाषण भी एडिट करवाएंगे। आप तो उनकी ज़िद जानते ही हैं उसके आगे मैडम भी कुछ नहीं कर पाती। आप बजट-वजट लेकर जल्दी 10 जनपथ आ जाइए।’ पीसी ने कहा, ‘एन्ना रास्कला, मैइ अबी सांभर का पहला निवाला तोड़ा इच्च था रे। मैइडम्म को बोलना कि मैइइ बस लुंगा लपेट का आता। और मैइइ तुम लोगन को समझा ना रे कि राहुल बाबा से चाय दूर रखने का। तुम लोगा को समझताइच्च नइइ।’

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चिदंबरम 10 जनपथ पहुंचते हैं। राहुल बाबा और सोनिया के साथ जाते हैं। पीसी राहुल से कहते हैं, ‘नमस्कार बाबा, मैइइ तो खुद ही आने वाला था बजट का फाइनल कॉपी लेकर।’ राहुल, ‘देखो अंकल, डोंट मी एंट्री। अब मैं बड़ा हो गया हूं ओके। मेरे को लॉलीपॉप मत दिया करो आप कांग्रेसी लोग। मम्मा देखो ना अंकल को।’ चिदंबरम, अरे नहीं राहुल बाबा आप नाराज नइइ होने का। आप बोलने का मइइ नोट करता है कल आई विल प्रजेंट द सेम बजट एज यू वांट। आप बस बोलने का।’ सोनिया अपने पीए से, ‘चिदंबरम साब के लिए चाय लाओ।’ चिदंबरम, ‘नइइ मैडम, चाय सेइच्च तो लफड़ा। मइइ ब्लैक-कॉफी पिएगा।’

राहुल, देखो अंकल मेरी रैली में ना कार्यकर्ता नइइ आ रहे हैं। कहते हैं बस में भरकर नहीं आएंगे। छोटी कारें सस्ती करो। और मध्य प्रदेश के विधानसभा चुनाव में आप लोग तो बाइक रैली का आइडिया देकर निकल लिए थे। वहां भोपाल में बाइक रैली थी और लोगों के पास बाइक्स ही नहीं थी। लोकसभा में मेरी दोबारा ऐसी बेइज्जती नहीं होनी चाहिए। बाइक सस्ती करो और कंपनियों से कहो तुरंत लागू करें। बाकी का तो यूपीए-3 बनी तो देखेंगे।  ये छुट भइया नेता और सरपंच वगैरह। ये लोग फालतू बैठे थे कुछ कमाने-खाने को नहीं था तो हमने मनरेगा शुरू करवा दिया कि बेचारे छोटा-मोटा भ्रष्टाचार करके पेट पाल लेंगे। लेकिन अब इनके पेट बड़े हो गए हैं। कहते हैं कि राहुल जी आपकी रैली में एसयूवी से ही आएंगे। पीएम बनने दो, मनरेगा की कमाई कम करवा दूंगा। अभी लोकसभा चुनाव के लिए इनकी एसयूवी भी सस्ती करवा दीजिए। बाकी का तो यूपीए-3 बनी तो देखेंगे।

और भ्रष्टाचार का हमारी सरकार को पता क्यूं नहीं चल रहा है। कार्यकर्ताओं से कॉन्टैक्ट में नहीं हैं क्या? कार्यकर्ताओं को मोबाइल दो और एक-एक पब्लिक नंबर सारे मंत्रियों को भी दो। कार्यकर्ता फोन पर भ्रष्टाचार के बारे में बताएंगे। और हां मनमोहन अंकल को तो दूसरा मोबाइल देना ही मत। एक दे रखा है उसको तो हमेशा साइलेंट मोड पर रखते हैं। कॉलर ट्यून ‘श्यइइ..’ वाली लगा रखी है। कार्यकर्ता उन्हें कॉल करते हैं तो उन्हें हाय-हैलो भी नहीं बोलते। अरे हमारे सामने ना सही कार्यकर्ताओं के सामने तो बोलना चाहिए। लजवा के रखे हैं पूरी यूपीए को। मोबाइल सस्ते करो। बाकी का तो यूपीए-3 बनी तो देखेंगे।

कार्यकर्ता शिकायत कर रहे हैं कि उनके गांवों में बिजली नहीं पहुंच रही है इसलिए अंतरिम बजट में टॉर्च लाइट सस्ती कर दो बाकी बिजली का तो यूपीए-3 बनी तो देखेंगे। महिला कांग्रेस वाले बोल रहे थे कि राहुल बाबा महिला सशक्तिकरण के लिए भी बजट में कुछ कर देंगे तो मेहरबानी होगी। एक काम कीजिए, हेयर ड्रायर, माइक्रोवेव ओवन, वैक्यूम क्लीनर, डिश वॉशर, आयरन, वाटर कूलर वगैरह सस्ता कर दो। बाकी का तो यूपीए-3 बनी तो देखेंगे।  उत्तर प्रदेश में पिछली बार वाली रैली में मेरी जितनी बेइज्जती हुई ना मम्मा क्या बताऊं। कार्यकर्ता मेरे भाषण पर ना तालियां बजाते हैं ना जिंदाबाद के नारे लगाते हैं। दिग्गी अंकल ने बताया था कि बाबा ये लोग भूखे आते हैं। इन्हें कुछ खिलवाइए तो तालियां बजाएंगे और जिंदाबाद भी करेंगे। इसलिए मैंने फाइनल किया है अभी चावल सस्ता कर दो बाकी का तो यूपीए-3 बनी तो देखेंगे। रैली में कार्यकर्ता गले मिलते हैं, भाइ लोग नहा-वहा कर नहीं आते क्या। बॉडी ऑर्डर से मेरे नाक के बाल जल जाते हैं। वो तो चुनाव रहते हैं इसलिए मैं टॉलरेट कर लेता हूं, नहीं तो मां कसम बता रहा हूं...। एक काम कीजिए अभी के लिए साबुन सस्ती कर दीजिए डियोड्रेंट का तो यूपीए-3 बनी तो देखेंगे।

चुनावी दौर में मैं रात को जिस झोपड़ी में रुका था वो किसने फाइनल की थी बजट के बात मुझे पता करके बतलाइएगा। उस झोपड़ा में ना टीवी था, ना फ्रिज और ना ही डीवीडी प्लेयर। यार झोपड़ी फाइनल करने से पहले ये तो देख लिया कीजिए। उस झोपड़ी में ना कंप्यूटर था, ना प्रिंटर, ना स्कैनर। मम्मा का फाइनल किया हुआ भाषण का प्रिंट अपनी सभा में नहीं ले जा सका। वहीं कुछ छुट भइया नेता पकड़कर भाषण तैयार करवाया उसे स्कैन करके मम्मा से फाइनल भी नहीं करवा पाया। फिर मम्मा तो मुझे डांटती हैं ना। खराब भाषण से सभा में सब कचरा हो गया। फिर तुम लोग बोलते हो बाबा आप ही गए थे सभा करने सीट तो निकली नहीं। लोकसभा में मुझे ऐसा लफड़ा नहीं चाहिए टीवी, फ्रिज, डीवीडी प्लेयर, कंप्यूटर, प्रिंटर और स्कैनर वगैरह तो अभी सस्ते कर ही दो। बाकी का तो यूपीए-3 बनी तो देखेंगे।

और एक बात बता दूं पीसी अंकल अपने मंत्री खूब इच्च कमा रहे हैं इसलिए सुपर अमीरों पर लगाया सरचार्ज पांच पैसे भी कम नहीं करना। और ये क्या है यंगस्टर्स कांग्रेस क्यूं नहीं जॉइन कर रहे हैं? मैं यहां इटली से आकर हाथ-पैर मार रहा हूं और इन्हें देखिए। इन्हें तो कांग्रेस, कांग्रेस नहीं भ्रष्टाचार पार्टी लगती है। सब मीडिया वालों का करा कराया। अभी मजीठिया लगवा दिया है ना पेपर वालों को समझ में आ जाएगी। मीडिया की छोड़ों ये बताओ अंकल यूथ कांग्रेस में क्यूं नहीं आ रहा? इंडियन यूथ को एजुकेट करो। कांग्रेसियों के नाम से एजुकेशन लोन की कोई योजना-वोजना बनाओ। एजुकेशन लोन में छूट दो। बाकी का तो यूपीए-3 बनी तो देखेंगे।

और सबको बोल दो कल के बजट को कोई आम बजट नहीं कहेगा। ये आम आदमी पार्टी खूब फुटेज खा रही है। इस बजट को ‘आम बजट’ नहीं ‘मैंगो बजट’ कहना है। वैसे भी आइ लव मैंगो, सीजन आने ही वाला है ना मम्मा?  आफ्टर ऑल ‘डोंट अंडरएस्टिमेट द पावर ऑफ अ कॉमन मैन’। सुना तो होगा पीसी अंकल। चिदंबरम, ‘नहीं राहुल बाबा, आपके भाषण में था क्या!’ हे राम! आप लोगों ने ‘चैन्नै एक्सप्रेस’ और ‘जय हो’ भी नहीं देखी क्या? आचार संहिता लगते ही सारे कांग्रेसियों के लिए दोनों फिल्मों की स्पेशल स्क्रीनिंग करवाता हूं।  बस पीसी अंकल अभी मुझे इतना ही सूझा है। बाकी विडियो गेम खेलते वक्त कुछ याद आया तो वॉट्सएप कर दूंगा। वैसे आपका मंत्रालय कौन सा पड़ता है? अरे हां अंकल आपको चाय के लिए तो पूछना भूल ही गया मैं! चिदंबरम, ‘नइइ राहुल बाबा चाय सेइच्च तो लफड़ा होत्ता। मइइ जाता। बजट ऑल्टर करता। वइसै मेरे को सब वित्त मंत्री केहते।’